ITR Refund Status: आखिर क्यों अटक गया है आपका इनकम टैक्स रिफंड? जानिए पैसे आने की कन्फर्म तारीख और देरी की 5 बड़ी वजहें
इनकम टैक्स रिफंड (Income Tax Refund) का इंतजार किसी सस्पेंस फिल्म से कम नहीं होता। आपने अपना ITR समय पर भर दिया, टैक्स भी सही कैलकुलेट किया, लेकिन हफ़्तों गुजर जाने के बाद भी मोबाइल पर बैंक से “Amount Credited” का मैसेज नहीं आया।
अगर आप भी सुबह-शाम अपना अकाउंट बैलेंस चेक कर रहे हैं, तो रुकिए। Economic Times की ताजा रिपोर्ट और टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस बार रिफंड में देरी के पीछे सरकार की सुस्ती नहीं, बल्कि तकनीकी कारण (Technical Reasons) ज्यादा हैं। आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि आपका पैसा कहाँ फंसा है और यह कब तक आपके हाथ में आएगा।
1. सबसे बड़ी गलती: क्या आपका बैंक खाता ‘Pre-Validate’ है?
रिफंड अटकने का सबसे बड़ा कारण (Reason No. 1) आपका बैंक खाता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि ITR फॉर्म में बैंक अकाउंट नंबर डाल दिया, तो काम हो गया। लेकिन ऐसा नहीं है। इनकम टैक्स विभाग अब केवल उन्हीं खातों में पैसा भेजता है जो उनके पोर्टल पर ‘Pre-Validated’ (पूर्व-सत्यापित) होते हैं।
अगर आपके PAN Card पर लिखे नाम और बैंक खाते में लिखे नाम की स्पेलिंग में जरा सा भी अंतर है (जैसे ‘Kumar’ और ‘Kr.’), तो सिस्टम आटोमेटिकली आपका रिफंड रोक देता है। इसलिए, तुरंत इनकम टैक्स पोर्टल पर लॉग इन करें और ‘My Profile’ में जाकर चेक करें कि आपके बैंक अकाउंट के आगे ‘Validated’ का हरा निशान है या नहीं।
2. ITR भरने के बाद ‘e-Verify’ करना भूले तो नहीं?
यह एक ऐसी गलती है जो अक्सर नए करदाता करते हैं। ITR फाइल करना सिर्फ आधा काम है; उसे ‘e-Verify’ (सत्यापित) करना सबसे जरूरी है। नियम के अनुसार, ITR भरने के 30 दिनों के भीतर आपको आधार OTP या नेट बैंकिंग के जरिए इसे वेरीफाई करना होता है।
जब तक आप वेरीफाई नहीं करते, आपका रिटर्न बैंगलोर स्थित CPC (Central Processing Centre) में प्रोसेस ही नहीं होता। अगर आपने अभी तक वेरिफिकेशन नहीं किया है, तो समझिए आपका रिफंड कतार में लगा ही नहीं है। स्टेटस चेक करें और अगर पेंडिंग है, तो इसे आज ही निपटाएं।
3. ‘Risk Management’ और पुराने बकाये का पेंच
इस साल इनकम टैक्स विभाग ने ‘Risk Management System’ को बहुत सख्त कर दिया है। अगर विभाग के AI सिस्टम को लगता है कि आपने अपनी कमाई कम दिखाई है या रिफंड क्लेम (Refund Claim) बहुत ज्यादा किया है, तो वे रिफंड जारी करने से पहले उसकी जांच करते हैं। इसमें समय लगता है।
इसके अलावा, अगर आप पर पिछले किसी साल का टैक्स बकाया (Outstanding Demand) है, तो विभाग आपके मौजूदा रिफंड को उस पुराने बकाये के साथ एडजस्ट कर सकता है। ऐसे में आपको Section 245 के तहत एक नोटिस भेजा जाता है। अपना ईमेल इनबॉक्स और स्पैम फोल्डर जरूर चेक करते रहें।
4. रिफंड कब आएगा? (Refund Date Timeline)
अब आते हैं उस सवाल पर जिसका सबको इंतजार है—पैसा कब आएगा? आम तौर पर, जब आपका रिटर्न प्रोसेस हो जाता है, तो आपको ईमेल पर Section 143(1) के तहत एक सूचना (Intimation Order) मिलती है।
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Intimation आने के बाद: जिस दिन यह ईमेल आता है, उसके 3 से 10 वर्किंग डेज के भीतर पैसा बैंक में आ जाता है।
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ब्याज का फायदा: अच्छी खबर यह है कि अगर विभाग की तरफ से रिफंड देने में देरी होती है, तो आपको रिफंड की रकम पर 0.5% प्रति माह (6% सालाना) की दर से ब्याज मिलता है। यानी देरी होने पर आपको थोड़ा ज्यादा पैसा मिलेगा।
5. रिफंड फेल (Refund Failed) हो जाए तो क्या करें?
कई बार सब कुछ सही होने के बाद भी स्टेटस में ‘Refund Failed’ दिखता है। इसका मतलब है कि विभाग ने पैसा भेजा, लेकिन बैंक ने उसे स्वीकार नहीं किया (शायद खाता बंद हो या KYC पूरी न हो)।
समाधान: घबराएं नहीं! इनकम टैक्स पोर्टल पर लॉग इन करें। ‘Services’ टैब में जाएं और ‘Refund Re-issue’ की रिक्वेस्ट डालें। वहां अपना सही और एक्टिव बैंक खाता चुनें। रिक्वेस्ट डालने के 10-15 दिनों के भीतर पैसा दोबारा आपके खाते में भेज दिया जाएगा।
निष्कर्ष: धैर्य रखें और स्टेटस चेक करें
अंत में, अगर आपका रिफंड रुका हुआ है, तो परेशान होकर एजेंट के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। यह पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन और पारदर्शी है। सबसे पहले स्टेटस चेक करें कि क्या कोई ‘Defective Return’ का नोटिस तो नहीं आया है। अगर नहीं, और आपका रिफंड ‘Processed’ दिख रहा है, तो बस बैंक के सर्वर के अपडेट होने का इंतजार करें। आपका पैसा सुरक्षित है और जल्द ही आपके खाते में होगा।