Betul Chicholi Road Accident: बैतूल के चिचोली में एक अनियंत्रित ट्रक ने बस एजेंट सुरसेन सोनी को कुचल दिया।

चिचोली में काल बनकर दौड़ा ट्रक: बस एजेंट सुरसेन सोनी की मौत से इलाके में भारी आक्रोश

बैतूल (मध्यप्रदेश): मध्यप्रदेश के बैतूल जिले का चिचोली क्षेत्र एक बार फिर खून से लाल हो गया है। बैतूल-इंदौर नेशनल हाईवे पर स्थित चिचोली बस स्टैंड के पास एक अनियंत्रित ट्रक ने सड़क किनारे खड़े बस एजेंट सुरसेन सोनी को बड़ी ही बेरहमी से कुचल दिया। इस हृदयविदारक हादसे का वीडियो सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गया है, जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाए।

सीसीटीवी फुटेज: रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर

दैनिक भास्कर द्वारा साझा किए गए सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि सुरसेन सोनी सड़क के किनारे से जा रहे थे। तभी पीछे से आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित हुआ और उन्हें कुचलते हुए निकल गया। हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर वाहन से उतारकर फरार हो गया है। स्थानीय लोगों ने तुरंत सुरसेन को चिचोली अस्पताल पहुँचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बैतूल-इंदौर हाईवे: क्यों बन रहा है ‘मौत का गलियारा’?

चिचोली में हुई यह पहली घटना नहीं है। इसी सड़क पर आज एक किसान की भी मौत की खबर आई है। पिछले कुछ महीनों में बैतूल जिले में सड़क हादसों की संख्या में 30% की बढ़ोतरी हुई है। इसके पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं

ट्रक ड्राइवरों की लापरवाही: हाईवे पर चलने वाले भारी वाहनों के ड्राइवर अक्सर नींद की झपकी या नशे के प्रभाव में होते हैं, जिससे वे वाहन पर नियंत्रण खो देते हैं।

सड़क की बनावट: चिचोली के पास हाईवे का घुमाव और बस स्टैंड पर भीड़भाड़ होना दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा केंद्र (Black Spot) बन गया है।

प्रशासनिक ढिलाई: हाईवे पर ‘स्पीड ब्रेकर’ या ‘ट्रैफिक सिग्नल’ की कमी और पुलिस पेट्रोलिंग का न होना अपराधियों और लापरवाह ड्राइवरों के हौसले बढ़ाता है।

सड़क सुरक्षा: कानून और आपकी सुरक्षा

1. हिट एंड रन (Hit and Run) के नए कड़े कानून

केंद्र सरकार ने हिट एंड रन मामलों के लिए नए ‘भारतीय न्याय संहिता’ के तहत सख्त सजा का प्रावधान किया है। यदि कोई ड्राइवर किसी को कुचलकर भाग जाता है और घटना की सूचना पुलिस को नहीं देता, तो उसे 10 साल तक की जेल और 7 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। चिचोली के इस मामले में भी पुलिस इसी दिशा में जांच कर रही है।

2. सड़क सुरक्षा के 5 अनिवार्य नियम

ओवरटेकिंग से बचें: भारी वाहनों को कभी भी गलत दिशा से ओवरटेक न करें।

  • हेलमेट और सीट बेल्ट: दुपहिया वाहन पर हेलमेट और कार में सीट बेल्ट आपकी जान की पहली रक्षा है।
  • रिफ्लेक्टर का प्रयोग: रात के समय सड़क किनारे खड़े होते समय या वाहन पार्क करते समय रिफ्लेक्टर या इंडिकेटर का प्रयोग करें।
  • गति सीमा: नगर और कस्बों के भीतर वाहन की गति 30-40 किमी/घंटा से अधिक न रखें।
  • पैदल चलने वालों का अधिकार: जेब्रा क्रॉसिंग और सड़क के किनारों पर पैदल चलने वालों को प्राथमिकता दें।

बैतूल जिले में पिछले 3 महीनों की प्रमुख दुर्घटनाएं: एक नजर

स्थान दुर्घटना का प्रकार प्रभाव
मुलताई मार्ग बस और कार की टक्कर 3 लोगों की मौत
शाहपुर घाटी ट्रक पलटना अक्सर जाम और हादसे
आमला क्षेत्र तेज रफ्तार डंपर दुपहिया चालक शिकार

स्थानीय नागरिकों की मांग: बायपास और सख्त चेकिंग

चिचोली की जनता ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि नगर के बीच से गुजरने वाले भारी वाहनों के लिए बायपास मार्ग का निर्माण किया जाए। साथ ही, बस स्टैंड के पास सीसीटीवी की निगरानी बढ़ाई जाए और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

निष्कर्ष

सुरसेन सोनी का जाना केवल एक न्यूज़ नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता का प्रमाण है। जब तक प्रशासन और नागरिक दोनों अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे, चिचोली की सड़कें ऐसे ही ‘लाल’ होती रहेंगी। राज इंडिया टीवी (rajindiatv.com) इस दुख की घड़ी में मृतक के परिवार के साथ खड़ा है और प्रशासन से उचित मुआवजे और सख्त कार्रवाई की मांग करता है।

“इस दुर्घटना का पूरा वीडियो देखने के लिए आप दैनिक भास्कर की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं या उनका ऐप डाउनलोड कर सकते हैं।”

2 thoughts on “Betul Chicholi Road Accident: बैतूल के चिचोली में एक अनियंत्रित ट्रक ने बस एजेंट सुरसेन सोनी को कुचल दिया।”

  1. मुलताई में कुछ बैंक, कुछ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बिना पार्किंग के संचालित हो रहे हैं, तथा कुछ लोगों ने पार्किंग के लिए जगह बहुत कम दी है। जो वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे ग्राहको को वाहन खड़े करने में बहुत परेशानी होती है। आखिर बिना पार्किंग के बैंक कैसे संचालित हो रहे हैं। ये तो नियमों का उल्लघंन हो रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़े करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार दुर्घटना तक हो जाती है। सरकारी जमीन पर वाहन खड़े हो रहे हैं । जबकि जिस भवन मे बैंक संचालित होती है उसकी स्वयं की पार्किंग होना जरूरी है। मुलताई में संचालित सभी बैंकों की पार्किंग व्यवस्था की जांच होना चाहिए।
    कुछ बेसमेंट बिना अनुमति के बने हैं। कुछ व्यावसायिक भवनों के नक्शे बिना पार्किंग दिए पास हुए हैं। कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर पक्का अतिक्रमण कर लिया है। जांच होना चाहिए।
    नाम – रवि खवसे
    शहर – मुलताई
    जिला – बैतूल
    राज्य – मध्यप्रदेश

    Reply
    • “रवि जी, आपकी बात बिल्कुल सही है। नियमों को ताक पर रखकर बने कॉम्प्लेक्स और बैंकों के बाहर पार्किंग न होना एक बड़ी लापरवाही है। ऐसे मुद्दों पर आवाज़ उठाना बहुत जरूरी है ताकि यातायात व्यवस्था सुधरे। अपनी राय साझा करने के लिए शुक्रिया।”

      Reply

Leave a Comment