मध्य प्रदेश के किसान भाइयों के लिए बड़ी अपडेट है अब यूरिया, DAP और MOP खाद सीधे सोसायटी से नहीं मिलेगी! चिंता मत कीजिए, अब बार-बार लाइन में लगने या चक्कर लगाने की जरूरत नहीं। इसके लिए ऑनलाइन सिस्टम लागू कर दिए है आपको ऑनलाइन e-Token जनरेट करना होगा।
आप आसानी से किसी भी ऑनलाइन कैफे या CSC सेंटर पर जाकर, या अपने मोबाइल से घर बैठे ही e-Token बना सकते हैं। इससे आपको तय तारीख और समय पर खाद मिल जाएगी, और लाइन में लगने की परेशानी खत्म हो जाएगी। इस लेख में हम आपको पूरी प्रक्रिया सरल और आसान स्टेप-बाय-स्टेप तरीके से समझाएंगे, ताकि हर किसान भाई बिना किसी झंझट के खुद अपना टोकन बना सके और समय पर खाद प्राप्त कर सके।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| सिस्टम का नाम | MP e-Token खाद सिस्टम |
| किस राज्य में लागू | मध्य प्रदेश |
| लागू होने की तिथि | 2025-2026 (नई व्यवस्था) |
| किसके लिए लागू | सभी पंजीकृत किसान |
| कौन-कौन सी खाद मिलेगी | यूरिया, DAP, MOP |
| टोकन कैसे बनाएं | ऑनलाइन (मोबाइल, CSC, साइबर कैफे) |
| जरूरी दस्तावेज | आधार कार्ड, किसान पंजीयन, मोबाइल नंबर |
| फायदा | लाइन से छुटकारा, समय की बचत |
| टोकन मिलने का तरीका | SMS के माध्यम से |
| खाद प्राप्त करने का तरीका | तय तारीख और समय पर सोसायटी से |
1. e-Token सिस्टम क्या है
अब खाद लेने के लिए सुबह से लंबी लाइन और भाग दौड़ की परेशानी खत्म होने वाली है। मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए इ विकास प्रणाली e-Token सिस्टम शुरू किया है, जिससे आप पहले से अपनी तारीख और समय तय कर सकते हैं। इस व्यवस्था का मकसद है किसान भाइयों को परेशानी न हो हर किसान को समय पर खाद मिल सके और गड़बड़ घोटाला बंद हो पूरी तरह से अब आपको बस ऑनलाइन टोकन जेनरेट करना है और तय समय पर जाकर अपने सोसायटी या रिटेलर से खाद प्राप्त करना है।
2. कौन-कौन सी खाद मिलेगी पूरी जानकारी किसान भाइयों के लिए
इस नई e-Token व्यवस्था के चलते मद्यप्रदेश के किसानों को उनकी खेती की जरूरत के अनुसार मुख्य उर्वरक आसानी से उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली यूरिया, DAP और MOP पोटाश के लिए शामिल हैं। ये तीनों खाद फसल की बढ़वार, जड़ मजबूत करने और उत्पादन बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। अब किसान अपनी जरूरत के हिसाब से पहले से टोकन लेकर समय सीमा पर इन खादों को प्राप्त कर सकते हैं, जिससे खेती में देरी नहीं होगी और पैदावार बेहतर होगी।
3. बिना e-Token के अब खाद नहीं मिलेगी किसान भाई ध्यान दें
नई व्यवस्था के अनुसार अब सोसायटी से सीधे खाद लेना संभव नहीं होगा। हर किसान के लिए e-Token बनाना जरुरी होगा इसका मतलब है कि बिना टोकन के किसी को भी यूरिया, DAP या MOP नहीं दी जाएगी। यह नियम इसलिए लागू किया गया है ताकि भीड़ कम हो, कालाबाजारी रुके और सभी किसानों को बराबरी से खाद मिल सके। इसलिए समय रहते अपना e-Token जरूर बनाएं, ताकि बाद में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
4. किसान कार्ड और जमीन लिंक क्यों जरूरी है? ध्यान से समझें
किसान भाइयों, जब पहले आपसे किसान पंजीयन कराया गया था और आपकी जमीन को समग्र आईडी और मध्यप्रदेश भूलेख से ई-केवाईसी करके लिंक किया गया था, तब कई लोगों को लगा होगा कि इसका फायदा क्या है। लेकिन अब वही जानकारी e-Token सिस्टम में काम आने वाली है।
दरअसल, जब आप e-Token जनरेट करेंगे तो आपकी जमीन का पूरा रिकॉर्ड, जैसे कितनी जमीन है हेक्टेयर में, किस फसल के लिए खाद चाहिए ये सब जानकारी सिस्टम में पहले से जुड़ी रहेगी। इसी आधार पर आपको खाद की बोरी संख्या तय की जाएगी।
5. e-Token कैसे जेनरेट करे घर बैठे और CSC सेंटर से पूरी जानकारी
ई विकास एमपी कृषि एमपी गवर्नमेंट डॉट इन की वेबसाइट अब सीधा टोकन जेनरेट करने की प्रक्रिया को समझाते है घर बैठे मोबाइल से e-Token बनाने का तरीका सबसे पहले आप अपने मोबाइल में गूगल क्रोम या अन्य ब्राउसर में ई विकास एमपी कृषि एमपी गवर्नमेंट डॉट इन की वेबसाइट खोलें। वहां आधार नंबर डालकर OTP के माध्यम से लॉगिन करें। फिर आधार कार्ड से जुड़ा मोबाइल नंबर OTP सत्यापन करके वेरीफाई कर ले।
और अब अपने खसरे को एक एक करके ऐड कर फसल रबी व अन्य दुसरी फसल जिसके लिये आप खाद लेना चाहते है सलेक्ट करे। और हेक्टैयर को ऐड कर लो और जो खाद लेना चाहते सलेक्ट कर लो उसके बाद रिटेलर सलेक्ट कर दो और फाइनली टोकन जेनरेट कर दो और दी समय सीमा के अनुसार खाद ले लो। CSC ऑनलाइन सेंटर से e-Token इसी तरह जेनरेट किये जाते है। बस आपको वह प्रिंटआउट चार्ज और उनके बनाये गए पोर्टल शुल्क देना होता है।
नोट:- अगर आपने पहले से फार्मर आईडी रजिस्ट्रशन नहीं किया है। तो पहले आपको फार्मर रजिस्ट्रशन करना होगा और फिर समग्र आईडी से अपनी भूमि लिंक करवाना होगा उसके बाद में फिर से मध्यप्रदेश के भूलेख webgis2 पोर्टल पर जाके eKYC करवाना होगा तब आप eटोकन जेनरेट करके निकाल सकते है और खाद ले सकते है।
6. डिस्क्लेमर
किसान भाइयों यह आपके लिए ये जानकारी मददगार साबित हुई होगी जानकारी आपको कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताना और किसी भी प्रकार की मदद के लिये भी हमें कमेंट करके पूछ सकते है। दी गई जानकारी नये पोर्टल https://evikas.mpkrishi.mp.gov.in के माध्यम से ली गई है। और हमारे निजी अनुभव के आधार पर दी गई है। हम एक CSC केंद्र ऑनलाइन साइबर कैफ़े चलाते है। डेली हमारी दूकान पर कई किसान भाई आते रहते है। ऐसी ही जानकारी के लिए हमसे जुड़े रहे।












